श्री काली चालीसा (Shri Kali Chalisa)
श्री काली चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजयकाली कलिमल हरन, महिमा अमित अनन्त।पाहन को तारन तरन, जयति जयति भगवन्त॥जय जय कलिके मातु प्रभी, सकल मनोरथ सिद्ध।करहु कृपा करुणामयी,…
श्री काली चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजयकाली कलिमल हरन, महिमा अमित अनन्त।पाहन को तारन तरन, जयति जयति भगवन्त॥जय जय कलिके मातु प्रभी, सकल मनोरथ सिद्ध।करहु कृपा करुणामयी,…
श्री महाकाली चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहामात महाकाली नमो, जय जय सुख की खान।शरण गहे की लाज रख, कीजै जन कल्यान॥नमो महाकल्याणी मातु, संकट हरन दयाल।अभय दान…
श्री राधा चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाश्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार।वृंदावन विहारिणी, प्रनबौ बारम्बार॥जय जय श्री राधा रमन, हरि हिय हार प्रवीन।आरती राधा जी की करैं, भक्त…
श्री वैष्णो देवी चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहानमो नमो वैष्णो भवानी, जय जय जग की मात।दुःख विपदा सब दूर करो, विनती सुनहु साक्षात्॥त्रिकुटा पर्वत वास है, करहु…
श्री संतोषी माता चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाबंदौ संतोषी चरण, रिद्धि-सिद्धि की खानी।कल्याण करो मात तुम, जानि आपनी दानी॥सुख-संपत्ति की दातारी, संकट हरन कृपाल।जय जय संतोषी माता,…
श्री पार्वती चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजय गिरी तनये उमा, भवानी जय जगदम्ब।मङ्गल कारिणी सिद्ध की, तुम ही मातु अवलम्ब॥आदि शक्ति जग जननी माँ, करहु जनन प्रतिपाल।संकट…
श्री बगलामुखी चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहानमो महाविद्येश्वरी, बगलामुखी हुंकार।स्तंभनकारी जगत की, नमन करूँ बारम्बार॥पीताम्बर धारी मती, सुंदर रूप अनूप।मात कृपा अब कीजिये, मिटे जगत भव कूप॥चौपाईजय…
श्री अन्नपूर्णा चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाविश्वेश्वर पदपद्म की, बंदौ बारम्बार।अन्नपूर्णा मात की, जय जय जय सुखकार॥आदि शक्ति जग जननी माँ, करहु जनन प्रतिपाल।अन्न धन की दातारी…
श्री नर्मदा चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहादेवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे, सब सुख की तुम दाता।शिव कन्या हे मात नर्मदा, करहु जनन प्रतिपाल॥अमरकंटक से प्रगटी माता, महिमा अमित…
श्री शारदा चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।शारदा चालीसा कहूँ, मति अनुसार सुधारि॥बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौ शारदा मात।बल बुद्धि विद्या…