
वायु देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय वायु देवा, स्वामी जय वायु देवा।
प्राणों के आधार प्रभु, तुमको नित सेवा॥
जय वायु देवा…
सकल चराचर में तुम, जीवन शक्ति भरते।
शुद्ध वायु देकर सबके, कष्ट और रोग हरते॥
जय वायु देवा…
हनुमत के जनक कहाए, जग में यशधारी।
भक्तों के संकट हरते, महिमा अपरंपारी॥
जय वायु देवा…
गति, बल और चेतनता, तुमसे ही पाते।
तुम्हारी कृपा से प्राणी, जीवन सुख पाते॥
जय वायु देवा…
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
वायु देव प्रसन्न हों, मिले शुभ फल नित॥
जय वायु देवा…
॥ ॐ वायवे नमः ॥
