वरुण देव जी की आरती (Varun Dev Ji Ki Aarti)

वरुण देव जी की आरती (Varun Dev Ji Ki Aarti) - Shubh Tokri

वरुण देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।

आरती पाठ

जय वरुण देवा, स्वामी जय वरुण देवा।
जल के अधिपति प्रभु, तुमको नित सेवा॥
जय वरुण देवा…

सागर के स्वामी तुम, करुणा के सागर।
जीवन का आधार जल, तुमसे ही उजागर॥
जय वरुण देवा…

हाथ में पाश विराजे, दिव्य रूप धारे।
भक्तों के संकट हरते, सब दुःख निवारे॥
जय वरुण देवा…

वर्षा, नदी और सागर, सब तुमसे संचालित।
तुम्हारी कृपा से जग में, जीवन है स्थापित॥
जय वरुण देवा…

जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
वरुण देव प्रसन्न हों, मिले शुभ फल नित॥
जय वरुण देवा…

॥ ॐ वरुणाय नमः ॥

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