
वामन भगवान की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय वामन भगवान, जय वामन भगवान।
तीन पग में नाप लिया, सारा त्रिभुवन धाम॥
जय वामन भगवान॥
राजा बलि के द्वार पर, ब्राह्मण रूप में आए।
धर्म और विनम्रता का, जग को पाठ पढ़ाए॥
जय वामन भगवान॥
छोटा रूप दिखाकर प्रभु, विराट स्वरूप दिखाया।
अहंकार का नाश कर, सत्य मार्ग बतलाया॥
जय वामन भगवान॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
वामन प्रभु प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय वामन भगवान॥
॥ ॐ वामनाय नमः ॥
