
परशुराम जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय परशुराम प्रभु, जय परशुराम प्रभु।
जमदग्नि के नंदन, रेणुका के सुत॥
जय परशुराम प्रभु॥
हाथ परशु शोभित, तेज अपार तुम्हारा।
अधर्म का नाश किया, धर्म का किया सहारा॥
जय परशुराम प्रभु॥
विष्णु के छठे अवतार, महिमा बड़ी न्यारी।
भक्तों के सब संकट हरते, जग हितकारी॥
जय परशुराम प्रभु॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
परशुराम प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय परशुराम प्रभु॥
॥ ॐ परशुरामाय नमः ॥
