सूर्य देव जी की आरती (Surya Dev Ji Ki Aarti)

केतु देव जी की आरती (Ketu Dev Ji Ki Aarti) - Shubh Tokri

Surya — सूर्य देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।

आरती पाठ

जय कश्यप नंदन, जय आदित्य देवा।
कंचन समान कलेवर,रक्ताम्बर सेवा॥

सप्त अश्व रथ राजित,एक चक्र धारी।
दुःख हरता जगत के,तेज पुंज भारी॥

लोक प्रकाशक प्रभु तुम,त्रिभुवन के स्वामी।
भक्त जनों के संकट,हरते अंतर्यामी॥

उदयाचल पर प्रकटे,जग में ज्योति फैलाई।
अंधकार सब मिट जाता,जब किरणें छाई॥

आरोग्य दाता तुम हो,जीवन के आधार।
जो नित ध्यान लगावे,हो जाए उद्धार॥

कंचन थाल सजाकर,अगर कपूर बाती।
भक्ति भाव से जो गावे,पावे शुभ गति॥

जय कश्यप नंदन, जय आदित्य देवा॥

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