
Radha — राधा रानी जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
आरती श्री वृषभानु दुलारी की,श्री राधा प्यारी की॥
गावत वेद पुराण सभी,महिमा अति भारी की।
श्री राधा प्यारी की॥
श्यामा संग विराजत सुंदर,छवि लागे न्यारी की।
श्री राधा प्यारी की॥
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,संग बनवारी की।
श्री राधा प्यारी की॥
चरण कमल पर शीश नवावत,भक्तन हितकारी की।
श्री राधा प्यारी की॥
नाम जपत सब दुख मिट जाते,कृपा कृपाधारी की।
श्री राधा प्यारी की॥
वृंदावन में नित्य विराजत,महिमा अपरंपारी की।
श्री राधा प्यारी की॥
जो कोई प्रेम भाव से गावै,मनवांछित फल पावै।
श्री राधा प्यारी की॥
आरती श्री वृषभानु दुलारी की,श्री राधा प्यारी की॥
