
राहु देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय राहु देवा, स्वामी जय राहु देवा।
भक्त जनों के संकट, क्षण में हर लेवा॥
जय राहु देवा…
सिंहिका सुत कहलाते, नवग्रह में राजे।
कष्ट हरन सुखदायक, भक्तों के काजे॥
जय राहु देवा…
नील वर्ण तन सोहे, मुकुट शीश धारे।
जो जन शरण में आए, उनके दुःख टारे॥
जय राहु देवा…
छाया ग्रह प्रभु तुम हो, जग में विख्याता।
कृपा करो हे स्वामी, तुम हो सुखदाता॥
जय राहु देवा…
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
राहु देव प्रसन्न हों, मिले शुभ फल नित॥
जय राहु देवा…
॥ ॐ राहवे नमः ॥
