
केतु देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय केतु देवा, स्वामी जय केतु देवा।
संकट हरन हमारे, करहु कृपा सेवा॥
जय केतु देवा…
धूम्रवर्ण तन शोभित, अद्भुत रूप धारे।
भक्तों के सब संकट, क्षण में दूर करे॥
जय केतु देवा…
ज्ञान, वैराग्य के दाता, मोक्ष मार्ग दिखलाते।
जो जन ध्यान लगाते, मनवांछित फल पाते॥
जय केतु देवा…
नवग्रह में तुम पूजित, जग में यश गाते।
भक्तों पर कृपा करके, सुख-समृद्धि लाते॥
जय केतु देवा…
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
केतु देव प्रसन्न होकर, शुभ फल बरसावे॥
जय केतु देवा…
॥ ॐ केतवे नमः ॥
