
मत्स्य अवतार भगवान की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय मत्स्य भगवान, जय मत्स्य भगवान।
वेदों के रक्षक प्रभु, भक्तों के कल्याण॥
जय मत्स्य भगवान॥
सत्यव्रत राजा को देकर, ज्ञान का उजियारा।
प्रलय से जग को बचाया, किया भव से पारा॥
जय मत्स्य भगवान॥
विशाल मत्स्य रूप धारण कर, धर्म की रक्षा की।
अज्ञान रूपी अंधकार से, जग की रक्षा की॥
जय मत्स्य भगवान॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
मत्स्य प्रभु प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय मत्स्य भगवान॥
॥ ॐ नमो भगवते मत्स्यरूपाय नमः ॥
