कूर्म अवतार भगवान की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय कूर्म भगवान, जय कूर्म भगवान।
क्षीरसागर मंथन में, बने जग के प्राण॥
जय कूर्म भगवान॥
मंदराचल को पीठ पर धारण, लीला बड़ी न्यारी।
देव-असुर के कार्य संवारे, महिमा अपरंपारी॥
जय कूर्म भगवान॥
धैर्य, स्थिरता के प्रतीक प्रभु, भक्तों के रखवाले।
जो शरण में तेरी आए, उसके दुःख टाले॥
जय कूर्म भगवान॥
धर्म स्थापना हेतु प्रभु, अवतार तुम्हारा।
तेरे चरणों में पाकर शरण, हो भव से पारा॥
जय कूर्म भगवान॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
कूर्म प्रभु प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय कूर्म भगवान॥
॥ ॐ कूर्माय नमः ॥ 🙏🕉️🐢
