
धूमावती माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय धूमावती माता, जय धूमावती माता।
महाविद्या स्वरूपिणी, जग की सुखदाता॥
जय धूमावती माता॥
दीन दुखियों की रक्षक, संकट हरनहारी।
भक्तों पर कृपा बरसाओ, माँ हितकारी॥
जय धूमावती माता॥
अज्ञान, भय और दुःख को, दूर भगाने वाली।
जो शरण में तेरी आए, उसकी झोली भरने वाली॥
जय धूमावती माता॥
तप, त्याग और वैराग्य की, तुम हो भंडारी।
साधक जन की रक्षा करती, महिमा अपरंपारी॥
जय धूमावती माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
धूमावती माता प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय धूमावती माता॥
॥ ॐ धूं धूमावत्यै नमः ॥ 🙏🌺🕉️
