
छिन्नमस्ता माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय छिन्नमस्ता माता, जय छिन्नमस्ता माता।
महाविद्या स्वरूपिणी, जग की भाग्य विधाता॥
जय छिन्नमस्ता माता॥
अद्भुत रूप तुम्हारा माता, शक्ति अपार धारी।
अहंकार विनाशिनी अम्बे, जग की हितकारी॥
जय छिन्नमस्ता माता॥
भक्तों को निर्भयता देकर, ज्ञान प्रकाश फैलाती।
जो श्रद्धा से ध्यान लगावे, उसकी विपदा मिटाती॥
जय छिन्नमस्ता माता॥
सिद्धि, शक्ति और वैराग्य की, तुम ही हो दाता।
दीन दुखियों पर कृपा कर, बनो सुखदाता॥
जय छिन्नमस्ता माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
छिन्नमस्ता माता प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय छिन्नमस्ता माता॥
॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचन्यै नमः ॥
