
नटराज भगवान की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय नटराज देवा, प्रभु जय नटराज देवा।
तांडव नृत्य रचाकर, जग का पालन देवा॥
जय नटराज देवा॥
जटा मुकुट सिर सोहे, गंगाधर कहलाते।
डमरू की धुन बजाकर, जग को मार्ग दिखाते॥
जय नटराज देवा॥
अग्नि हस्त में धारे, अज्ञान हरनहारे।
नृत्य रूप में विराजे, भक्तों के रखवाले॥
जय नटराज देवा॥
सृष्टि, स्थिति और संहार, सब लीला तुम्हारी।
भवसागर से तारो, सुन लो अरज हमारी॥
जय नटराज देवा॥
ऋषि-मुनि सब ध्यान धरें, महिमा अपरंपारी।
जो जन शरण तुम्हारी आए, हो जाए भवपारी॥
जय नटराज देवा॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
नटराज प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय नटराज देवा, प्रभु जय नटराज देवा॥
॥ ॐ नटराजाय नमः ॥
