
काल भैरव बाबा की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय काल भैरव देवा, प्रभु जय काल भैरव देवा।
काशी के कोतवाल, भक्तन हित सेवा॥
जय काल भैरव देवा॥
भूत-प्रेत के स्वामी, त्रिशूलधारी।
दुष्ट दलन करनारे, संकट हरणहारी॥
जय काल भैरव देवा॥
डमरू की ध्वनि प्यारी, कुत्ता वाहन राजे।
भक्तों के सब संकट, क्षण में दूर साजे॥
जय काल भैरव देवा॥
कालों के भी काल हो, महिमा अपरंपारा।
जो जन शरण में आए, उसका करो उद्धारा॥
जय काल भैरव देवा॥
काशीपुरी के रक्षक, दीनदयालु स्वामी।
कृपा दृष्टि बरसाओ, सुन लो विनती हमारी॥
जय काल भैरव देवा॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
काल भैरव प्रसन्न हों, मिले शुभ फल नित॥
जय काल भैरव देवा, प्रभु जय काल भैरव देवा।
काशी के कोतवाल, भक्तन हित सेवा॥
॥ ॐ कालभैरवाय नमः ॥
