
अग्नि देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय अग्नि देवा, स्वामी जय अग्नि देवा।
यज्ञों के अधिकारी, तुमको नित सेवा॥
जय अग्नि देवा…
लाल वर्ण तन शोभित, तेज पुंज धारी।
देवों तक हवि पहुँचाते, महिमा अपरंपारी॥
जय अग्नि देवा…
ऋषि-मुनि सब पूजत, यज्ञों में आवाहन।
तुम बिन पूर्ण न होते, वेदों के साधन॥
जय अग्नि देवा…
पाप ताप सब हरते, जीवन ज्योति जगाते।
भक्तों के कल्याण हेतु, शुभ आशीष बरसाते॥
जय अग्नि देवा…
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
अग्नि देव प्रसन्न हों, मिले शुभ फल नित॥
जय अग्नि देवा, स्वामी जय अग्नि देवा॥
॥ ॐ अग्नये नमः ॥ 🔥🙏
