
Chandra — चंद्र देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय सोमदेव जय सोमदेव,जय शीतल चंद्र भगवान।
भक्त जनों के संकट हरते,करते मंगल काम॥
श्वेत वस्त्र तन पर सोहे,मस्तक मुकुट सुहावे।
रजत समान कांति निराली,सबके मन को भावे॥
रोहिणी प्रिय चंद्र कहाए,नभ मंडल में राजे।
शीतल किरणें बरसाकर,जग में सुख संवारें॥
अमृतमय तेरी महिमा,औषधि के आधार।
तुमसे जीवन पुष्ट होता,दूर करो संताप॥
दूध चावल का भोग लगाएँ,श्रद्धा सहित नर नारी।
जो कोई आरती गावै,पावे कृपा तुम्हारी॥
संकट हरो हमारे स्वामी,मन की आस पुकारे।
सुख समृद्धि दो जीवन में,कष्ट सभी तुम टारो॥
कंचन थाल कपूर की बाती,आरती उतारी।
जय चंद्र देव कृपालु स्वामी,रक्षा करो हमारी॥
जय सोमदेव जय सोमदेव,जय शीतल चंद्र भगवान॥
