
बाबोसा चूरू वाले की आरती (Babosa Churu Wale Ki Aarti) का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
देवा बाबोसा चूरू वाले,
भक्तों के हैं रखवाले।
रिमझिम उतारें तेरी आरती,
बाबोसा रिमझिम उतारें तेरी आरती॥
सिर पे मुकुट, कान में कुंडल,
हाथ में सोटा साजे।
जगमग-जगमग रूप निराला,
जगमग-जगमग रूप निराला,
भूत-प्रेत सब भागे।
जय हो माता छगनी के लाले,
कोठारी कुल के तारे।
रिमझिम उतारें तेरी आरती,
बाबोसा रिमझिम उतारें तेरी आरती॥
बालाजी ने राजतिलक से,
अपनी गोद बिठाया।
मृगसर पाँचू भरे है मेला,
मृगसर पाँचू भरे है मेला,
भक्तों के मन है भाया।
सबके मन को हरषाने वाले,
विपदा मिटाने वाले।
रिमझिम उतारें तेरी आरती,
बाबोसा रिमझिम उतारें तेरी आरती॥
भक्ति-भाव से करे आरती,
तेरे सारे पुजारी।
मन-दर्पण में बसो बाबोसा,
मन-दर्पण में बसो बाबोसा,
कलियुग के अवतारी।
तेरा मंजूदेवी गुण गाए,
गोपाला शीश नवाए।
रिमझिम उतारें तेरी आरती,
बाबोसा रिमझिम उतारें तेरी आरती॥
देवा बाबोसा चूरू वाले,
भक्तों के हैं रखवाले।
रिमझिम उतारें तेरी आरती,
बाबोसा रिमझिम उतारें तेरी आरती॥
