अहोई माता की आरती (Ahoi Mata Ki Aarti)

श्री गायत्री चालीसा (Shri Gayatri Chalisa) - Shubh Tokri

अहोई माता की आरती (Ahoi Mata Ki Aarti) का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।

आरती पाठ

जय अहोई माता,
जय अहोई माता।
तुमको निसदिन ध्यावत,
हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय अहोई माता॥

ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला,
तू ही है जगमाता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय अहोई माता॥

माता रूप निरंजन,
सुख-सम्पत्ति दाता。
जो कोई तुमको ध्यावत,
नित मंगल पाता॥
ॐ जय अहोई माता॥

तू ही पाताल बसंती,
तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक,
जगनिधि से त्राता॥
ॐ जय अहोई माता॥

जिस घर थारो वासा,
वाहि में गुण आता।
कर न सके सोई कर ले,
मन नहीं घबराता॥
ॐ जय अहोई माता॥

तुम बिन सुख न होवे,
न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव,
तुम बिन नहीं आता॥
ॐ जय अहोई माता॥

शुभ गुण सुंदर युक्ता,
क्षीरनिधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू,
कोई नहीं पाता॥
ॐ जय अहोई माता॥

श्री अहोई माँ की आरती,
जो कोई गाता।
उर उमंग अति उपजे,
पाप उतर जाता॥

ॐ जय अहोई माता,
मैया जय अहोई माता॥

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