
शेषनाग जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय शेषनाग देव, जय शेषनाग देव।
अनंत रूप धारी, जग के सेव॥
जय शेषनाग देव॥
फणों पर धारण की है, पृथ्वी की माया।
श्रीहरि के शयन आसन बन, जग को सुखदाया॥
जय शेषनाग देव॥
अनंत देव कहलाते, महिमा अपरंपारी।
भक्तों के संकट हरते, जग के हितकारी॥
जय शेषनाग देव॥
ज्ञान, धैर्य और सेवा के, तुम हो प्रतीक महान।
जो श्रद्धा से ध्यान धरें, पूर्ण हों सब काम॥
जय शेषनाग देव॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
शेषनाग प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय शेषनाग देव॥
॥ ॐ अनन्ताय नमः ॥ 🙏🐍🕉️
जय श्री विष्णु • जय दशावतार • जय सनातन धर्म 🚩🙏🕉️
