
गरुड़ देव की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय गरुड़ देव, जय गरुड़ देव।
श्रीहरि के वाहन, भक्तों के सेव॥
जय गरुड़ देव॥
सर्पों के शत्रु प्रभु, वेग अपार तुम्हारा।
विष्णु चरणों के सेवक, जग में नाम तुम्हारा॥
जय गरुड़ देव॥
भक्तों के संकट हरते, रक्षा करने वाले।
जो शरण में तेरी आए, दुःख उसके टाले॥
जय गरुड़ देव॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
गरुड़ देव प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय गरुड़ देव॥
॥ ॐ गरुडाय नमः ॥
