
बलराम जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय बलराम भगवान, जय बलराम भगवान।
हलधर रूप धरे प्रभु, भक्तों के कल्याण॥
जय बलराम भगवान॥
श्रीकृष्ण के भ्राता होकर, धर्म का पथ दिखलाया।
शक्ति, पराक्रम और सेवा का, जग को ज्ञान कराया॥
जय बलराम भगवान॥
हल और मुसल धारण कर, अधर्म का नाश किया।
भक्तों के जीवन में प्रभु, सुख का प्रकाश किया॥
जय बलराम भगवान॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
बलराम प्रभु प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय बलराम भगवान॥
॥ ॐ बलरामाय नमः ॥
