
वराह अवतार भगवान की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय वराह भगवान, जय वराह भगवान।
भूदेवी के रक्षक प्रभु, भक्तों के कल्याण॥
जय वराह भगवान॥
हिरण्याक्ष का वध करके, धरती को उबारा।
अधर्म का नाश कर, धर्म का दीप संवारा॥
जय वराह भगवान॥
दिव्य वराह रूप धारण कर, जग का भार उठाया।
भक्तों के जीवन से प्रभु, अंधकार मिटाया॥
जय वराह भगवान॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
वराह प्रभु प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय वराह भगवान॥
॥ ॐ वराहाय नमः ॥
