
चंद्रघंटा माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय चंद्रघंटा माता, जय चंद्रघंटा माता।
सिंहवाहिनी अम्बे, जग की सुखदाता॥
जय चंद्रघंटा माता॥
मस्तक पर अर्धचंद्र शोभे, घंटा रूप सुहावे।
तेरी कृपा से भक्तों के सब संकट दूर हो जावे॥
जय चंद्रघंटा माता॥
दशभुजा में दिव्य आयुध, तेज अपार तुम्हारा।
दुष्ट दलन कर भक्त बचावे, माँ रूप न्यारा॥
जय चंद्रघंटा माता॥
जो श्रद्धा से ध्यान लगावे, मनवांछित फल पावे।
माँ की कृपा से जीवन उसका, सुख-समृद्धि पावे॥
जय चंद्रघंटा माता॥
॥ ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः ॥
