
स्कंदमाता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय स्कंदमाता माता, जय स्कंदमाता माता।
कार्तिकेय की जननी, जग की सुखदाता॥
जय स्कंदमाता माता॥
सिंहवाहिनी रूप निराला, कमलासन धारी।
भक्तों के सब कष्ट मिटाती, माँ हितकारी॥
जय स्कंदमाता माता॥
गोद में स्कंद विराजे, शोभा अति न्यारी।
ज्ञान, शक्ति और भक्ति की, तुम हो भंडारी॥
जय स्कंदमाता माता॥
नवरात्रि के पंचम दिन, तेरी पूजा होती।
जो जन ध्यान लगाते, उनकी झोली भरती॥
जय स्कंदमाता माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
स्कंदमाता प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय स्कंदमाता माता॥
॥ ॐ स्कन्दमातायै नमः ॥ 🙏🌺
