
कात्यायनी माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय कात्यायनी माता, जय कात्यायनी माता।
ऋषि कात्यायन की कन्या, जग की भाग्य विधाता॥
जय कात्यायनी माता॥
सिंहवाहिनी रूप सुहावन, महिमा अपरंपारी।
असुरों का संहार करनारी, भक्तों की हितकारी॥
जय कात्यायनी माता॥
चार भुजा में कमल विराजे, खड्ग त्रिशूल धारी।
भक्तों की रक्षा करती, माँ दयामयी प्यारी॥
जय कात्यायनी माता॥
नवरात्रि के छठे दिन, सब तेरा गुण गाते।
जो श्रद्धा से ध्यान लगाते, मनवांछित फल पाते॥
जय कात्यायनी माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
कात्यायनी माँ प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय कात्यायनी माता॥
॥ ॐ कात्यायन्यै नमः ॥
