
पार्वती माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय पार्वती माता, मैया जय पार्वती माता। ब्रह्मा वेद उचारत, शिवजी गुण गाता॥
सिंह सवारी साजे, त्रिशूल हाथ धारी।
देव-दानव-मुनि-जन, सब हैं बलिहारी॥
कर में सोहे डमरू, गले मुण्ड माला।
भक्तों के दुःख हरती, कष्ट मिटा डाला॥
तुम ही आदि भवानी, तुम ही जगदम्बा।
तुम ही सृष्टि रचती, तुम ही हो लम्बा॥
तुम हो शक्ति स्वरूपा, तुम ही ज्ञान देती।
पूजन जो करे मन से, मन वांछित फल देती॥
आरती जो कोई गावे, सब विघ्न टल जाता।
जो भी श्रद्धा रखे, सुख-शान्ति वो पाता॥
जय पार्वती माता॥
