
कामाख्या देवी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय कामाख्या माता, जय कामाख्या माता।
शक्ति स्वरूपिणी अम्बे, जग की भाग्य विधाता॥
जय कामाख्या माता॥
नीलाचल पर विराजो, महिमा अपरंपारी।
भक्त जनों के संकट हरती, जग जननी प्यारी॥
जय कामाख्या माता॥
सिद्धि, बुद्धि और शक्ति की, तुम ही हो दाता।
जो शरण तुम्हारी आता, पाता सुखदाता॥
जय कामाख्या माता॥
तंत्र-मंत्र की अधिष्ठात्री, जग में विख्याता।
दीनों पर कृपा बरसाओ, हे जगजननी माता॥
जय कामाख्या माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
कामाख्या माँ प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय कामाख्या माता॥
॥ ॐ ऐं ह्रीं श्रीं कामाख्यायै नमः ॥
