
कल्कि अवतार की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय कल्कि भगवान, जय कल्कि भगवान।
कलियुग के उद्धारक, धर्म के भगवान॥
जय कल्कि भगवान॥
श्वेत अश्व पर आरूढ़ होकर, खड्ग हाथ में धारे।
अधर्म और अन्याय मिटाकर, धर्म ध्वजा फहराए॥
जय कल्कि भगवान॥
विष्णु के अंतिम अवतार, महिमा बड़ी न्यारी।
सत्ययुग का पुनः आरंभ कर, जग हितकारी॥
जय कल्कि भगवान॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
कल्कि प्रभु प्रसन्न होकर, दें शुभ फल नित॥
जय कल्कि भगवान॥
॥ ॐ कल्किने नमः ॥
