
चामुंडा माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय अम्बे चामुंडे माता, जय चामुंडे माता।
दुष्ट दलन करनारी, जग की भाग्य विधाता॥
जय चामुंडे माता॥
चंड-मुंड संहारे माता, महिमा अपरंपारी।
रक्तबीज का नाश किया, जग की हितकारी॥
जय चामुंडे माता॥
सिंहवाहिनी रूप निराला, त्रिशूल धारण करती।
भक्तों के सब कष्ट मिटाकर, झोली खुशियों से भरती॥
जय चामुंडे माता॥
दीनन की तू रखवाली, संकट दूर भगाती।
जो तेरी शरण में आए, भवसागर से तारे जाती॥
जय चामुंडे माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
चामुंडा माँ प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय चामुंडे माता॥
॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
