श्री सरस्वती चालीसा (Shri Saraswati Chalisa)
श्री सरस्वती चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल देहु सुधारि॥श्वेत वसन धारिणी विमल, हंस वाहिनी मात।कण्ठ…
श्री सरस्वती चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल देहु सुधारि॥श्वेत वसन धारिणी विमल, हंस वाहिनी मात।कण्ठ…
श्री ललिता चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजयति जयति जय ललिते माता, सुख कल्याणी आदि भवानी।कृपा करहु अब मो पर अम्बा, तुम हो त्रिभुवन की महारानी॥आदि शक्ति तुम…
श्री तुलसी चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहानमो नमो तुलसी महारानी, सब की आस पुजावहु माता।विष्णु प्रिया हरि सुहागिनी, करहु कृपा सुख सम्पत्ति दाता॥नमो नमो जग जननी मातु,…
श्री शीतला चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजय जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान।होय विमल मति तासु की, मिटै सकल अज्ञान॥गदहा वाहन सोहनी, झाड़ू कलश सँवारि।शूर्प हाथ…
श्री विंध्येश्वरी चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहानमो नमो विंध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब।संतजनों के काज में, माँ न करती विलम्ब॥जय जय विंध्याचल रानी, आदि शक्ति जगदम्ब।कृपा करहु अब…
श्री काली चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाजयकाली कलिमल हरन, महिमा अमित अनन्त।पाहन को तारन तरन, जयति जयति भगवन्त॥जय जय कलिके मातु प्रभी, सकल मनोरथ सिद्ध।करहु कृपा करुणामयी,…
हनुमान चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाश्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥(अर्थ: अपने गुरु के चरण-कमलों की धूल से…
श्री महालक्ष्मी चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहामात लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।मनोकामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस॥सिंधु सुता विष्णु प्रिये, नत मस्तक बारंबार।ऋद्धि सिद्धि दायनी…
श्री लक्ष्मी चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहामातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।मनोकामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस॥सिन्धु सुता विष्णु प्रिये, नत मस्तक बारंबार।ऋद्धि सिद्धि दायनी…
श्री गायत्री चालीसा का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।चालीसा पाठदोहाह्रीं क्लीं श्रीं श्रीराम नति, जयती गायत्री माता।सन्मति हित जो व्रत करैं, तेहि सुख संपति दाता॥भूर्भुवः स्वः ॐ युत, जननी गायत्री।शुद्ध…