
यमराज जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय यम देवा, स्वामी जय यम देवा।
धर्मराज कहलाते, तुमको नित सेवा॥
जय यम देवा…
न्याय के अधिपति प्रभु, कर्मों के ज्ञाता।
सत्य मार्ग दिखलाते, धर्म के विधाता॥
जय यम देवा…
महिष वाहन शोभित, हाथ दण्ड धारे।
जीवों के शुभ-अशुभ कर्मों का लेखा सँभाले॥
जय यम देवा…
भय और मोह मिटाकर, धर्म मार्ग बतलाते।
सत्कर्म करने वालों को, उत्तम फल दिलाते॥
जय यम देवा…
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
यमराज कृपा करें, मिले शुभ फल नित॥
जय यम देवा…
॥ ॐ यमाय नमः ॥
