
शुक्र देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय शुक्र देवा, स्वामी जय शुक्र देवा।
दीनन के दुःख हरता, भक्तन सुख सेवा॥
जय शुक्र देवा…
श्वेत वस्त्र तन सोहे, कर में दण्ड विराजे।
ज्ञान, कला के दाता, सबके कष्ट निवारे॥
जय शुक्र देवा…
दैत्य गुरु कहलाते, विद्या के भंडारी।
कृपा करो हे स्वामी, सुन लो अरज हमारी॥
जय शुक्र देवा…
धन, वैभव और सुख के, तुम ही हो दाता।
जो जन शरण में आए, उसका भाग्य जगाता॥
जय शुक्र देवा…
शुक्रवार के दिन जो, श्रद्धा से ध्यावे।
शुक्र देव की कृपा से, मनवांछित फल पावे॥
जय शुक्र देवा…
रोग, शोक और संकट, सब दूर भगाओ।
भक्ति, ज्ञान और लक्ष्मी, जीवन में बरसाओ॥
जय शुक्र देवा…
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
शुक्र देव प्रसन्न होकर, सुख-समृद्धि पावे॥
जय शुक्र देवा, स्वामी जय शुक्र देवा।
दीनन के दुःख हरता, भक्तन सुख सेवा॥
जय शुक्र देवा…
॥ ॐ शुक्राय नमः ॥ 🙏⚪
