
मंगल देव जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय मंगलमूर्ति देवा,प्रभु जय मंगलमूर्ति देवा।
कष्ट हरन सुखकर्ता,भक्तन हित सेवा॥ जय मंगलमूर्ति…
लाल वस्त्र तन सोहे,रक्तवर्ण अति प्यारा।
मेष वाहन राजत,हाथ शक्ति धारा॥ जय मंगलमूर्ति…
सिंदूर तिलक सुहावन,मस्तक शोभा भारी।
मंगलवार के स्वामी,सुन लो विनती हमारी॥ जय मंगलमूर्ति…
ऋण, रोग और संकट,सब दूर भगाते।
जो कोई ध्यान धरे,मनवांछित फल पाते॥ जय मंगलमूर्ति…
आरती जो कोई गावे,श्रद्धा प्रेम सहित।
मंगल कृपा बरसे,सुख-समृद्धि नित॥ जय मंगलमूर्ति देवा…
॥ ॐ मंगलाय नमः ॥ 🙏🔴
