
Kali — काली माता जी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय काली माता, मैया जय काली माता।
तुमको निशदिन ध्यावत,हरि विष्णु विधाता॥
जो जन ध्यान लगावे,फल पावे मनवांछित।
दुःख दरिद्र मिटावे,सुख संपत्ति दायिनी॥
तुम ही जग की माता,तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुःख हरता,सुख संपत्ति करता॥
कालरात्रि महाकाली,नाम तुम्हारा न्यारा।
जो कोई शरण में आवे,पार करो भव धारा॥
रक्तबीज को मारा,शुंभ निशुंभ विदारे।
चंड मुंड संहारे,भक्तन काज संवारे॥
खड्ग खप्पर धारी,महिमा अपरंपारी।
दुष्ट दलन कर माता,रक्षा करो हमारी॥
आरती जो कोई गावै,भक्ति भाव से गावै।
कहत शिवानंद स्वामी,मनवांछित फल पावै॥
जय काली माता, मैया जय काली माता॥
