
मनसा देवी की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय मनसा माता, जय मनसा माता।
नागों की अधिष्ठात्री, जग की सुखदाता॥
जय मनसा माता॥
शिव की मानस पुत्री, महिमा बड़ी न्यारी।
भक्तों के सब संकट हरती, माँ हितकारी॥
जय मनसा माता॥
सर्प भय को दूर भगाती, रक्षा करने वाली।
श्रद्धा से जो ध्यान लगावे, भर दे झोली खाली॥
जय मनसा माता॥
करुणा, दया और शक्ति की, तुम हो भंडारी।
दीन जनों पर कृपा बरसाओ, जग जननी प्यारी॥
जय मनसा माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा भाव सहित।
मनसा माता प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय मनसा माता॥
॥ ॐ मनसायै नमः ॥
