
ब्रह्मचारिणी माता की आरती का संपूर्ण हिंदी पाठ यहां पढ़ें।
आरती पाठ
जय ब्रह्मचारिणी माता, जय ब्रह्मचारिणी माता।
तप, त्याग और साधना की, तुम हो भाग्य विधाता॥
जय ब्रह्मचारिणी माता॥
हाथ कमंडल, जपमाला शोभे, रूप सरल सुहाना।
तेरे ध्यान से मिट जाता, जीवन का अज्ञान॥
जय ब्रह्मचारिणी माता॥
शिव को पाने हेतु किया था, कठोर तप अपारा।
भक्तों को भी शक्ति देती, संकट से उबारा॥
जय ब्रह्मचारिणी माता॥
जो कोई आरती गावे, श्रद्धा प्रेम सहित।
ब्रह्मचारिणी प्रसन्न हों, दें शुभ फल नित॥
जय ब्रह्मचारिणी माता॥
॥ ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः ॥
